Thursday, July 11, 2013
अन्तराल का भ्रम
अन्तराल का भ्रम
मरीचिका की तरह हमेशा एक अन्तराल पर बना रहता हैं
मेरी माँ मरने से पहले उम्र में मुझसे छोटी हो गई थी
उसने मेरी छाती पर सर रखा
और मैंने मृत्यु से पहले मेरी माँ को बार-बार जन्म दिया
यह वियोग नहीं था
मेरे भविष्य का भुत में विलय था !
-अहर्निशसागर-
1 comment:
Sadhana Vaid
November 8, 2013 at 10:33 PM
वाह ! क्या बात है ! अद्भुत एवँ अनुपम !
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